Posts

गणेश पूजा

Image
गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन गणेश का जन्म हुआ था।गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है। कई प्रमुख जगहों पर भगवान गणेश की बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाती है।   अनुपालन:  पूजा, उत्सव और प्रतिमा विसर्जन अवकाश प्रकार :  धार्मिक उत्सव, लोक उत्सव तारीख:  शनिवार, 22 अगस्त 2020 गणेश चतुर्थी कब मनाई जाती है? हिन्‍दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद यानी कि भादो माह की शुक्‍ल पक्ष चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्‍म हुआ था. उनके जन्‍मदिवस को ही गणेश चतुर्थी कहा जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह त्‍योहार हर साल अगस्‍त या सितंबर के महीने में आता है. इस बार गणेश चतुर्थी 02 सितंबर को है. गणेश चतुर्थी का महत्‍व  हिन्‍दू धर्म में भगवान गणेश का विशेष स्‍थान है. कोई भी पूजा, हवन या मांगलिक कार्य उनकी स्‍तुति के बिना अधूरा है. हिन्‍दुओं में गणेश वंदना के साथ ही किसी नए काम की शुरुआत होती है. यही वजह है कि गणेश चतुर्थी यानी कि भग...

फिट रहे स्वस्थ रहे

बेरोजगारी

Image
बेरोजगारी  जब देश में कार्य करनेवाली जनशक्ति अधिक होती है किंतु काम करने के लिए राजी होते हुए भी बहुतों को प्रचलित मजदूरी पर कार्य नहीं मिलता, तो उस अवस्था को 'बेरोजगारी' की संज्ञा दी जाती है बेरोजगारी का कारण  बड़े पैमाने पर मशीनों का अंधाधुंध प्रयोग बेरोजगारी का एक प्रमुख कारण है। इनके कारण मनुष्य के श्रम की आवश्यकता बहुत कम हो गई है। इसके अलावा हमारी जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। जनसंख्या की वृद्धि के अनुपात से उत्पादन की कमी तथा रोजगार के अवसरों में कम वृद्धि होती है। इसलिए बेरोजगारी लगातार बढती ही जाती है। भारत में व्याप्त अशिक्षा भी बेरोजगारी का मुख्य कारण है। आज के मशीनी युग में शिक्षित और कुशल तथा प्रशिक्षित व्यक्तियो की आवश्यकता पडती है। इसके अलावा, हमारी शिक्षा प्रणाली भी दोषपूर्ण है। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में साक्षरता को ही विशेष महत्त्व देते हैं। व्यावसायिक तथा तकनीकी शिक्षा की अवहेलना होती है। बेरोजगारी के दुष्परिणाम  – बेरोजगारी के कई प्रकार के दुष्परिणाम होते है। इसके अंतर्गत निर्धन लोगो की संख्या में बहुत अधिक वृद्धि होती हैं। जिस कारण से लोगो के...

कन्या भ्रूण हत्या

Image
कन्या भ्रूण हत्या कन्या भ्रूण हत्या जन्म से पहले लड़कियों को मार डालने की क्रिया है गर्भवती महिला को जाच के दौरान  लड़के की प्राप्ति के लिए शिशु को गर्भ में ही मार दिया जाता है ताकि लड़की का जन्म नहीं हो सके और इसका असर हमारे भारत की अर्थव्यवस्था पर पडता है और हमारे भारत का लिगानूपात घटता जा रहा है  कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के उपाय  हमारे भारत में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए कई तरीके निकाले गये हैं  बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना   इस योजना का असर तो बहुत हुआ है आज हमाारेदेश की लडकीया कहा से कहा पहुच गई है आज IAS, IPS, Doctors जैसी कई नौकरी हमारे देश की नारी कर रही है और अपने देेश का नाम रौशन कर रही है  मगर आज भी कही न कही कन्या भ्रूण हत्या हो रही है गर्भ में नहीं पर एक जिन्दा लड़की की आखिर कब खत्म होगा पूरी तरह से... ?   मैने एक महाराज जी का सत्संग देखा जो पूरा जोर लगा रहे हैं कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए और इसका असर हद तक कारगर साबित हो रहा है  और आप भी देखे साधना चैनल पर शाम 7.30से 8.30 बजे तक 

बेरोजगारी

Image
  बेरोजगारी  बेरोजगारी के कारण आज हजारों लाखो लोग सडको पर आ गये हैं ,लोगों के पास एक अच्छी डिग्री होने के बावजूद भी आज उन्हें एक अच्छी नौकरी नहीं मिल पारी है लोगो को एक अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी एक पाईवट कम्पनी में rs(200)D की नौकरी करने के लिए मजबूर है अगर किसी भर्ती की परीक्षा देने के बाद उसका रिज़ल्ट आते आते ही साल भर लग जाता है और रिज़ल्ट आने के बाद उस भर्ती प्रकिया को पुरा होने में ही 2-3साल लग जाते है, इसके बीच व्यक्ति अपना इन्तजार करते-2 ही समय निकाल देता है यही बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण है ़ सस्थाओ द्वारा सुधारने का प्रयास  भारत में बेरोजगारी के बढते प्रकोप को  रोकने के लिए कई सस्थाओ ने अपना योगदान दिया ताकि बढती बेरोजगारी को थोडा नियन्त्रण किया जा सके और बेरोजगारी के होते हुए भी लोगो को एक अच्छा रोजगार दिया जा सके और घर पर रहते हुए भी लोग अपना करे ताकि लोग अपना जीवन यापन इस बढती बेरोजगारी मे कर सकें  आखिर कब मिलेगी नौकरी, आज के इस बढते दौर मे हमे नौकरी की इतनी जरुरी क्यों है क्या हमारा सरकारी नौकरी पाने का सपना सपना ही रह जाएगा हम इतनी मेहनत...

महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप जन्म, 9  मई 1540  भारत में आज राजपूत शासक महाराणा प्रताप सिंह की 479वीं जयंती का जश्न मनाया जा रहा है. गुरुवार सुबह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर महाराणा प्रताप को याद किया और लिखा, "देश के महान सपूत और वीर योद्धा महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर शत-शत नमन. उनकी जीवन-गाथा साहस, शौर्य, स्वाभिमान और पराक्रम का प्रतीक है जिससे देशवासियों को सदा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिलती रहेगी. महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया उदयपुर, मेवाड में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता और दृढ प्रण के लिये अमर है। उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और कई सालों तक संघर्ष किया। महाराणा प्रताप सिंह ने मुगलों को कईं बार युद्ध में भी हराया।   जन्म:  9 मई 1540,  कुम्भलगढ़ फोर्ट, क़िला कुम्भलगढ़ मृत्यु:  19 जनवरी 1597,  चवंद ऊंचाई:  2.26 मी राज्याभिषेक:  28 फ़रवरी1572 पति/पत्नी:  अजबदे पंवार  (विवा. 1557–1597) ,   ज़्यादा बच्‍चे:...