बेरोजगारी
इसके अलावा हमारी जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। जनसंख्या की वृद्धि के अनुपात से उत्पादन की कमी तथा रोजगार के अवसरों में कम वृद्धि होती है। इसलिए बेरोजगारी लगातार बढती ही जाती है।
भारत में व्याप्त अशिक्षा भी बेरोजगारी का मुख्य कारण है। आज के मशीनी युग में शिक्षित और कुशल तथा प्रशिक्षित व्यक्तियो की आवश्यकता पडती है। इसके अलावा, हमारी शिक्षा प्रणाली भी दोषपूर्ण है। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में साक्षरता को ही विशेष महत्त्व देते हैं। व्यावसायिक तथा तकनीकी शिक्षा की अवहेलना होती है।
बेरोजगारी के दुष्परिणाम –
बेरोजगारी के कई प्रकार के दुष्परिणाम होते है। इसके अंतर्गत निर्धन लोगो की संख्या में बहुत अधिक वृद्धि होती हैं। जिस कारण से लोगो के बीच भुखमरी की नौबत आ जाती हैं। इसके अलावा आजकल बढ़ रही अपराध और हिंसा का भी कारण बेरोजगारी हैं। बहुत से लोग हमारे बीच ऐसे होते है। जो बेरोजगारी के कारण मानसिक रूप से अवसाद ग्रस्त हो जाते है। और कुछ समय बाद वह आत्महत्या कर लेते है।
बेरोजगारी को दूर करने की एक छोटी सी पहल
- जनसंख्या वृद्धि में अधिक से अधिक नियंत्रण किया जाए।
- शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
- लोगो को व्यवसायिक और व्यवहारिक शिक्षा प्रदान की जाए।
- कुटीर उधोगो को बढ़वा देने हेतु सरकार के द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं को संचालित किया जाए।

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