महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप
जन्म, 9  मई 1540 

भारत में आज राजपूत शासक महाराणा प्रताप सिंह की 479वीं जयंती का जश्न मनाया जा रहा है.
गुरुवार सुबह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर महाराणा प्रताप को याद किया और लिखा, "देश के महान सपूत और वीर योद्धा महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर शत-शत नमन. उनकी जीवन-गाथा साहस, शौर्य, स्वाभिमान और पराक्रम का प्रतीक है जिससे देशवासियों को सदा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिलती रहेगी.
महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया उदयपुर, मेवाड में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता और दृढ प्रण के लिये अमर है। उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की और कई सालों तक संघर्ष किया। महाराणा प्रताप सिंह ने मुगलों को कईं बार युद्ध में भी हराया। 
मृत्यु: 19 जनवरी 1597, चवंद
ऊंचाई: 2.26 मी
राज्याभिषेक: 28 फ़रवरी1572
पति/पत्नी: अजबदे पंवार (विवा. 1557–1597), ज़्यादा




गाथा फैली घर-घर है,
आजादी की राह चले तुम,
सुख से मुख को मोड़ चले तुम,
'नहीं रहूं परतंत्र किसी का',
तेरा घोष अति प्रखर है,
राणा तेरा नाम अमर है।
भूखा-प्यासा वन-वन भटका,
खूब सहा विपदा का झटका,
नहीं कहीं फिर भी जो अटका,
एकलिंग का भक्त प्रखर है,
भारत राजा, शासक, सेवक, 
अकबर ने छीना सबका हक,
रही कलेजे सबके धक्-धक्
पर तू सच्चा शेर निडर है,
राणा तेरा नाम अमर है।
मानसिंह चढ़कर के आया,
हल्दी घाटी जंग मचाया,
तेरा चेतक पार ले गया,
पीछे छूट गया लश्कर है,
राणा तेरा नाम अमर है।
वीरों का उत्साह बढ़ाए,
कवि जन-मन के गीत सुनाएं,
नित स्वतंत्रता दीप जलाएं,
शौर्य सूर्य की उज्ज्वलकर है, 
राणा तेरा नाम अमर है।
राणा तेरा नाम अमर है।

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